भक्ति और उल्लास के बीच टियोक में तीन दिवसीय गणेश उत्सव का भव्य समापन : पूजा-अर्चना, हवन और भजन संध्या से गूंजा राधा-कृष्ण मंदिर—भव्य शोभायात्रा के साथ गणपति बप्पा को दी गई भावपूर्ण विदाई : ‘एक शाम गणपति के नाम’ में नन्हे कलाकारों ने बांधा समां—गणपति से लेकर भवानी माता, शिव, हनुमान, श्याम बाबा और रामदेव बाबा के भजनों की प्रस्तुति
13 वर्षों से कायम है गणेश पूजा की परंपरा—टियोकवासियों के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से सफल हुआ तीन दिवसीय आयोजन

टियोक, 16 सितंबर : टियोक के राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय गणेश उत्सव बुधवार को धार्मिक आस्था, भक्ति और उल्लास से सराबोर वातावरण में विधिवत संपन्न हुआ। टियोक गणेश पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सामूहिक धार्मिक उत्सव में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तीन दिनों तक चले आयोजन में पूजा-अर्चना, आरती, हवन, भजन संध्या और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को गणेशमय बनाए रखा।

तीन दिनों तक पूजा-अर्चना और भक्ति की धूम
तीन दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की गई। विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहा और गणपति के जयकारों से वातावरण भक्तिमय रहा।
पूजा समिति के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर पूजा एवं अन्य कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं तक सक्रिय भूमिका निभाई। स्थानीय समाज के लोगों ने भी आयोजन को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया।
‘एक शाम गणपति के नाम’ में नन्हे कलाकारों ने मोहा मन
उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में भजन संध्या ‘एक शाम गणपति के नाम’ विशेष रही। इस दौरान स्थानीय नन्हे कलाकारों ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने धार्मिक आयोजन में सांस्कृतिक रंग भरते हुए मंदिर परिसर को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
नन्हे कलाकारों ने ‘गणपति आयो’ और ‘गजानन विराजे’ सहित भगवान गणेश को समर्पित विभिन्न भजन प्रस्तुत किए। इसके साथ ही भवानी माता, भगवान शिव, हनुमान जी, श्याम बाबा और रामदेव बाबा को समर्पित भजनों की भी प्रस्तुति दी गई। भजन कार्यक्रम का समापन ‘राम-राम’ के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ।

हर्ष, मोहित, दिपेश और अभिषेक की प्रस्तुतियों को सराहना
भजन संध्या में हर्ष शर्मा, मोहित करनानी, दिपेश मुंड़ा और अभिषेक करनानी ने विभिन्न भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित लोगों ने नन्हे कलाकारों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
आयोजकों के अनुसार, बच्चों को धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने और नई पीढ़ी में संस्कार एवं परंपराओं के प्रति जुड़ाव विकसित करने की दृष्टि से उनकी सहभागिता आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।

समाज के लोगों ने व्यवस्थाओं में निभाई सक्रिय भूमिका
तीन दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में समाज के अनेक लोगों ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया। इनमें कामाख्या लाल चांडक, संजीव शर्मा, राम अवतार बिहानी, पवन शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, राजगोपाल बिहानी, राजकुमार जैन, जगदीश भट्टा, राम सोमानी, मनोहर लाल मुंद्रा तथा महिला समिति की अध्यक्ष संपत बिहानी सहित कई लोग शामिल रहे।
पूजा समिति ने धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हवन और शांति जल के बाद निकली शोभायात्रा
बुधवार को गणेश उत्सव के अंतिम दिन शाम करीब 4 बजे गणपति बप्पा की विधिवत पूजा-अर्चना और हवन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद शांति जल का छिड़काव किया गया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे गणपति बप्पा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए भव्य शोभायात्रा के साथ टियोक नदी घाट की ओर ले जाया गया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ गणपति बप्पा के जयकारे लगाए। उत्सव के तीन दिनों की स्मृतियों के साथ श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य गणपति को भावपूर्ण विदाई दी।

टियोक नदी घाट पर विधिवत प्रतिमा विसर्जन
शोभायात्रा के टियोक नदी घाट पहुंचने के बाद धार्मिक विधि-विधान के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ भावुकता भी दिखाई दी। विसर्जन के साथ ही तीन दिनों से जारी धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विधिवत समापन हुआ।
पूरे आयोजन के दौरान टियोक गणेश पूजा समिति, राधा-कृष्ण मंदिर, मारवाड़ी सम्मेलन टियोक शाखा तथा मारवाड़ी महिला समिति टियोक शाखा का सहयोग रहा। समिति के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सक्रिय योगदान दिया।
13 वर्षों से लगातार हो रहा गणेश पूजा का आयोजन
गणेश पूजा समिति की ओर से बिजू कुमार तुनवाल ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों, नन्हे कलाकारों और कार्यकर्ताओं के प्रति हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
तुनवाल ने बताया कि टियोक के राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में पिछले 13 वर्षों से लगातार गणेश पूजा का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी टियोकवासियों और समाज के सभी वर्गों के सामूहिक सहयोग एवं सहभागिता से तीन दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
‘धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी पर्व’
बिजू कुमार तुनवाल ने कहा कि गणेश उत्सव धार्मिक आस्था का पर्व होने के साथ समाज के लोगों को एक मंच पर लाने और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह सभी के सहयोग से गणेश पूजा की परंपरा को आगे बढ़ाने की अपील की।
उद्यापन समिति की ओर से भी आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति धन्यवाद और आभार व्यक्त किया गया। समिति ने कहा कि टियोकवासियों के सामूहिक सहयोग से तीन दिवसीय गणेश उत्सव शांतिपूर्ण, भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




