ड्रग्स के खिलाफ शिवसागर की सड़कों पर उतरा आसू—विद्यार्थियों के साथ विशाल जागरूकता एवं विरोध मार्च : ड्रग्स माफिया नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की मांग—नशीले पदार्थों के मूल स्रोत और सप्लाई चेन तक पहुंचकर कठोर कार्रवाई पर जोर : मानव हजारिका और दीपांकर सैकिया के नेतृत्व में बोर्डिंग रोड से निकला मार्च—विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी
ड्रग्स नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश नहीं लगने का आरोप लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी—पूरे शहर में गूंजा नशामुक्त समाज का संदेश

शिवसागर, 15 सितंबर : युवाओं और विद्यार्थियों के बीच नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को लेकर अखिल असम छात्र संघ (आसू) ने सोमवार को शिवसागर में जोरदार प्रदर्शन किया। आसू के राज्यव्यापी आह्वान के तहत बड़ी संख्या में छात्र संघ के कार्यकर्ताओं और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने सड़कों पर उतरकर ड्रग्स विरोधी जागरूकता एवं विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ नारे लगाते हुए ड्रग्स कारोबार के मूल स्रोत और पूरे माफिया नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

आसू के साथ सड़कों पर उतरे विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी
ड्रग्स विरोधी इस अभियान में आसू कार्यकर्ताओं के साथ शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की भागीदारी प्रमुख रही। आसू के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य ध्रुवज्योति कलिता, शिवसागर जिला छात्र संघ के अध्यक्ष मानव हजारिका और महासचिव दीपांकर सैकिया के नेतृत्व में निकाले गए मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों ने आम लोगों को भी ड्रग्स के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। मार्च के दौरान ड्रग्स माफिया नेटवर्क को समाप्त करने की मांग के साथ सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
‘छोटे स्तर की कार्रवाई पर्याप्त नहीं, मूल स्रोत तक पहुंचे प्रशासन’
आसू नेताओं ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई केवल छोटे स्तर पर नशीले पदार्थ बेचने वालों या इससे जुड़े व्यक्तियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पुलिस और प्रशासन को नशीले पदार्थों के मूल स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इसके पीछे सक्रिय संगठित नेटवर्क की पहचान करनी चाहिए।
छात्र नेताओं ने मांग की कि यह पता लगाया जाए कि शिवसागर और आसपास के क्षेत्रों में ड्रग्स की आपूर्ति कहां से हो रही है, इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और स्थानीय स्तर पर इसका नेटवर्क किस प्रकार संचालित किया जा रहा है। संगठन ने इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

पूरी सप्लाई चेन ध्वस्त करने की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे नशीले पदार्थों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ा जा सके। उनका कहना था कि केवल गिरफ्तारी और ड्रग्स बरामदगी से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके पीछे मौजूद बड़े नेटवर्क और मूल स्रोत तक पहुंचना आवश्यक है।
आसू नेताओं ने पुलिस-प्रशासन से ड्रग्स कारोबार से जुड़े प्रत्येक स्तर की पहचान कर निर्णायक कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए ड्रग्स की उपलब्धता और आपूर्ति के पूरे तंत्र पर प्रभावी अंकुश लगाना जरूरी है।
सरकार की भूमिका पर आसू ने उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान आसू नेताओं ने ड्रग्स माफिया नेटवर्क के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। शिवसागर जिला छात्र संघ के महासचिव दीपांकर सैकिया ने आरोप लगाया कि सरकार ड्रग्स माफिया तंत्र को पूरी तरह समाप्त करने में विफल रही है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और प्रशासन से अधिक कठोर रुख अपनाने की मांग की।
संगठन की ओर से कहा गया कि ड्रग्स के खिलाफ अभियान तभी प्रभावी होगा, जब इसके पीछे सक्रिय बड़े नेटवर्क तक जांच पहुंचे और नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े प्रत्येक स्तर पर कानून के तहत कार्रवाई हो।

‘ड्रग्स केवल कानून-व्यवस्था नहीं, युवा पीढ़ी के भविष्य का सवाल’
जागरूकता मार्च में विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी के माध्यम से नशे के खिलाफ व्यापक सामाजिक जनजागरण का संदेश भी दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ड्रग्स का मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध युवा पीढ़ी, विद्यार्थियों और समाज के भविष्य से है।
इसलिए पुलिस की कार्रवाई के साथ परिवारों, शिक्षण संस्थानों और समाज में नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को सामाजिक जागरूकता का स्वरूप प्रदान किया।
बोर्डिंग रोड स्थित आसू कार्यालय से शुरू हुआ मार्च
ड्रग्स विरोधी जागरूकता एवं विरोध मार्च की शुरुआत बोर्डिंग रोड स्थित आसू कार्यालय से हुई। यहां से बड़ी संख्या में आसू कार्यकर्ता और विद्यार्थी ड्रग्स विरोधी संदेशों के साथ शहर की सड़कों पर निकले और विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया।
मार्च के दौरान ड्रग्स माफिया नेटवर्क को समाप्त करने, नशीले पदार्थों की आपूर्ति के मूल स्रोत की पहचान करने और पुलिस-प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग लगातार उठाई गई। नारों और जागरूकता संदेशों के माध्यम से आम नागरिकों से भी नशे के खिलाफ सामाजिक अभियान में सहभागी बनने की अपील की गई।

गिरफ्तारी और बरामदगी से आगे पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग
अखिल असम छात्र संघ ने प्रदर्शन के माध्यम से इस बात पर जोर दिया कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को केवल गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। संगठन ने इसके पीछे सक्रिय पूरे संगठित नेटवर्क, सप्लाई चेन और मूल स्रोतों की पहचान कर कानून के तहत प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
आसू ने सरकार और पुलिस-प्रशासन से युवाओं तथा विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ड्रग्स माफिया के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने की मांग की। साथ ही संगठन ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के साथ व्यापक सामाजिक जागरूकता और युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी भी इस लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है।




